श्रम ब्यूरो
भारत सरकार

 ब्यूरो के मुख्य कार्य

श्रम ब्यूरो आंकड़ों के समाकलन, संग्रहण, प्रकाशन तथा मजदूरी उपार्जन, उत्पादकता, अनुपस्थिति, श्रम आवर्त, औद्योगिक संबंधों, कार्यकारी एवं निर्वाह स्थितिया से संबंधित सूचना तथा विभिन्न श्रम अधिनियमों के कार्यान्वयन के मूल्यांकन आदि के लिए उत्तरदायी है । यह औद्योगिक, खेतिहर तथा ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, मजदूरी दर सूचकांक तथा संगठित एवं असंगठित उद्योग क्षेत्र इत्यादि में औद्योगिक संबंधों, सामाजार्थिक स्थितियों पर आंकडों तथा महत्वपूर्ण आर्थिक सूचकांको का संग्रह करता है ।

श्रम ब्यूरो के कार्यों/क्रियाकलापों को तीन मुख्य शीर्षों में वर्गीकृत किया जा सकता है:-
1. श्रम आसूचना
2. श्रम अनुसंधान
3. न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948
के तहत जांच एवं मूल्यांकन अध्ययन

1. श्रम आसूचना

  (1)   सूचकांकों की विभिन्न श्रृंखलाओं का गठन एवं रख-रखाव

(क) (i)औद्योगिक श्रमिकों (ii) ग्रामीण श्रमिकों तथा (iii) खेतिहर श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

(ख)         व्यावसायिक मजदूरी सर्वेक्षणों के तहत सम्मिलित उद्योगों के संबंध में मजदूरी दर सूचकांक

(ग)  उपार्जन तथा वास्तविक उपार्जन के सूचकांक

(घ)       उत्पादकता सूचकांक

(ङ)        शहरी क्षेत्रों में 31 आवश्यक वस्तुओं के लिए फुटकर मूल्य सूचकांक

(2) अनुपस्थिति, श्रम आवर्त, श्रम लागत, नियोजन, संविदा श्रमिक उपार्जन तथा औद्योगिक विवादों पर क्रमिक आंकड़े उपलब्ध करवाना

2. श्रम अनुसंधान

संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में श्रम संबंधी विषयों पर अनुसंधान अध्ययन/सर्वेक्षण आयोजित करना तथा प्रकाशन निकालना । इनमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं:

3. जांच एवं मूल्यांकन

विभिन्न श्रम अधिनियमों तथा आयोजित सर्वेक्षणों के तहत कानूनी तथा स्वैच्छिक विवरणियों पर आधारित श्रम के विभिन्न पहलुओं पर सांख्यिकीय सूचना का संग्रहण, संकलन तथा प्रचार करता है । इन अधिनियमों के तहत एकत्रित सूचना का विवरण वैब-पृष्ठ-कानूनी/ स्वैच्छिक विवरणियों पर दिया गया है ।

4. दे में श्रम के विभिन्न पहलुओं तथा वर्तमान श्रम परिदृष्य पर प्राधिकृत तथा अद्यतन आंकड़े देते हुए इण्डियन लेबर जरनल (मासिक), इण्डियन लेबर स्टैटिस्टिक्स (वार्षिक), पॉकेट बुक ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (वार्षिक) तथा इण्डिन लेबर ईयर बुक (वार्षिक) का प्रकाशन (अलग सूची वैब-पृष्ठ पर दी गई है )

श्रम ब्यूरो के मुख्य कार्य

ब्यूरो की मुख्य स्कीमें

योजना स्कीमें

क्र.सं. स्कीम का नाम 
1.  औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-2001=100
2.  ग्रामीण श्रम अन्वेषण 
3.  श्रम के विभिन्न समूहों पर सामाजार्थिक सर्वेक्षण (यू.ओ.एस, एस.सी/एस.टी, एस.एस.डब्ल्यू एण्ड ई.एम.डब्ल्यू.ए
4.  व्यावसायिक मजदूरी सर्वेक्षण 
5.  मशन सारणीकरण एकक (कम्प्यूटर डिवीजन) का आधुनिकीकरण 
6.  उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण (प्रतिदर् क्षेत्र) के तहत श्रम आंकड़ों का संग्रहण 

गैर योजना स्कीमें

क्र.सं.

 

 

1.  उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (गणना क्षेत्र) के तहत श्रम आंकड़ों का संग्रहण 

 

2.  मजदूरी दर सूचकांक 

 

3.  श्रम सांख्यिकी का सुधार 

 

4.  श्रम सांख्यिकी 

 

5.  ठेका श्रम सर्वेक्षण 

 

6.  अनुसंधान